बोर्ड के कार्य और कर्तव्य

बोर्ड के कर्तव्य

प्रत्येक बोर्ड का यह कर्तव्य होगा कि जहां तक उसके व्ययनाधीन निधियां अनुज्ञात करें, छावनी के भीतर निम्नलिखित के लिए युक्तियुक्त उपबन्ध करे-

छावनी अधिनियम, 2006 की धारा 62 और 64 के प्रावधानों के अनुसार बोर्ड के कर्तव्य निम्नलिखित हैं

  • (i) पथों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी करनाय;
  • (ii) पथों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जल छिड़कना;
  • (iii) पथोंए सार्वजनिक स्थानों और प्रणालों को साफ करनाए न्यूसेन्स खत्म करना तथा अनिष्टकर उद्भिवर्ग हटानाय;
  • (iv) क्लेशकर, खतरनाक या घृणाजनक व्यापार, उपजीविका और व्यवसाय विनियमित करना;
  • (v) पथों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से अवांछनीय बाधाओं और निकले हुए भागों को लोक सुरक्षा, स्वास्थ्य या सुविधा के आधार पर हटाना;
  • (vi) खतरनाक भवनों और स्थानों को सुरक्षित करना या हटाना;
  • (vii) मृतकों की अन्तिम क्रिया के लिए स्थान अर्जित करनाए बनाए रखनाए परिवर्तन करना और विनियमित करना;
  • (viii) पथोंए पुलियाओंए पुलोंए काजवेओंए बाजारोंए वधशालाओंए शौचालयोंए संडासघरोंए मूत्रालयोंए प्रणालोंए जल निकासी संकर्मों और मलवाही संकर्मों को निर्मित करनाए परिवर्तित करना और बनाए रखना और उनके उपयोग को विनियमित करना;
  • (ix) सड़क के किनारे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षों को लगाना और उनका अनुरक्षण करना;
  • (x) पेयजल के पर्याप्त प्रदाय का प्रबंध या इंतजाम करना जहां ऐसा प्रदाय विद्यमान नहीं हैए मानव उपभोग के लिए प्रयोग में आने वाले जल को प्रदूषित होने से निवारण के लिए व्यवस्था करना तथा प्रदूषित जल के ऐसे प्रयोग का निवारण करना;
  • (xi) जीवन और मृत्यु का रजिस्ट्रीकरण;
  • (xii) खतरनाक रोगों के निवारण और उन्हें फैलने से रोकनाए उक्त उद्देश्यों के लिए लोक टीकाकरण और इनोकुलेशन के लिए कोई पद्धति स्थापित करना और उसे बनाए रखना;
  • (xiii) सार्वजनिक अस्पताल, प्रसूति और बाल कल्याण गृह और औषधालय स्थापित करना और उन्हें बनाए रखना और उनको सहायता देना तथा सर्वसाधारण को चिकित्सीय सहायता के लिए उपबन्ध करना;
  • (xiv) प्राथमिक पाठशालाएं स्थापित करना और बनाए रखना या उन्हें सहायता देना;
  • (xv) अग्नि शमन में सहायता करना और आग लगने पर जीवन और सम्पत्ति की संरक्षा करना;
  • (xvi) बोर्ड में निहित या बोर्ड के प्रबन्ध के लिए उसे सौंपी गई सम्पत्ति का मूल्य बनाए रखना और उसमें अभिवृद्धि करना;
  • (xvii) सिविल रक्षा सेवाएं स्थापित करना और उन्हें बनाए रखना;
  • (xviii) नगर योजना स्कीमों को तैयार करना और उन्हें कार्यान्वित करना;
  • (xix) आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करना और उन्हें कार्यान्वित करना;
  • (xx) पथों और परिसरों का नामांकन और संख्यांकन करना;
  • (xxi) भवन परिनिर्मित या पुनः परिनिर्मित करने की अनुज्ञा देना या अनुज्ञा देने से इंकार करना;
  • (xxii) सांस्कृतिक और खेलकूद क्रियाकलापों का आयोजन करनाए संवर्धन करना या उन्हें सहायता देना;
  • (xxiii) स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस मनाना और उसके संबंध में व्यय उपगत करना;
  • (xxiv) इस अधिनियम या अन्य तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के द्वारा या उसके अधीन उस पर अधिरोपित किसी अन्य बाध्यता को पूरा करना |

सम्पत्ति का प्रबन्ध करने की शक्ति

बोर्ड, केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिरोपित किन्हीं शर्तों के अधीन रहते हुए, किसी सम्पत्ति का प्रबन्ध, जो उसे केन्द्रीय सरकार द्वारा उसके प्रबन्ध के लिए सौंपी गई हैं, ऐसी सम्पत्ति से प्रोद्भूत भाटकों और लाभों में हिस्सा बटाने सम्बन्धी ऐसे निबन्धनों पर कर सकेगा जो धारा 346 के अधीन बनाए गए नियम द्वारा अवधारित किए जाएं ।

बोर्ड के वैवेकिक कृत्य

बोर्ड छावनी के भीतर निम्नलिखित उपबन्ध कर सकेगा

  • (i) किन्हीं क्षेत्रों में भले ही उनमें पहले से कोई निर्माण हुआ या नहीं, नए पथ बनाना तथा ऐसे पथों से अनुलग्न भवनों के निर्माण और भवनों के अहातों के निर्माण के लिए भूमि का अर्जन करना;
  • (ii) सार्वजनिक पार्क, बाग, कार्यालयों, डेरियों, स्नानघर, या धोबी घाट, पीने के पानी के स्रोत, तालाब, कुएं और लोक उपयोगिता के अन्य संकर्मों का निर्माण करना, उन्हें स्थापित करना या बनाए रखना;
  • (iii) अस्वास्थ्यकर परिक्षेत्रों का सुधार;
  • (iv) प्राथमिक पाठशालाओं की स्थापना करने और उन्हें बनाए रखने से भिन्न उपायों द्वारा शैक्षणिक उद्देश्यों को अग्रसर करना;
  • (v) उच्चतर विद्यालयों, महाविद्यालयों और व्यावसायिक, वृत्तिक और विशेष शिक्षा स्थापित करना या उन्हें सहायता देना;
  • (vi) संकर्मों और सन्निर्माणों का निर्माण करना और उन्हें बनाए रखना जिसके अन्तर्गत लोक और प्राइवेट प्रयोजनों के लिए जल पूर्ति के लिए वर्षा के जल का संचयन भी है;
  • (vii) विद्युत प्रदाय और वितरण का गठन, अनुरक्षण और प्रबंधन जिसके अन्तर्गत अपारंपरिक ऊर्जा स्रोत का दोहन करके सार्वजनिक और प्राइवेट परिसरों का वितरण भी है;
  • (viii) जनगणना करना तथा ऐसी जानकारी के लिए पुरस्कार देना जिससे जीवन-मृत्यु सम्बन्धी सांख्यिकी का सही रजिस्ट्रीकरण सुनिश्चित हो सके;
  • (ix) सर्वेक्षण कराना;
  • (x) अन्य स्थानीय महामारी, बाढ़, दुर्भिक्ष या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के होने पर राहत कार्य स्थापित करके या उन्हें करते रहकर राहत देना;
  • (xi) क्लेशकर, खतरनाक अथवा घृणोत्पादक व्यापार, आजीविका या व्यवसाय किए जाने के लिए समुचित स्थान अभिप्राप्त करना या अभिप्राप्त करने में सहायता करना;
  • (xii) मल के व्ययन के लिए फार्म या अन्य स्थान की स्थापना करना और उसका अनुरक्षण करना;
  • (xiii) ट्राम वे या अन्य लोकोमोटिव साधन तथा विद्युत प्रकाश या विद्युत शक्ति संकर्म का सन्निर्माण, उसके लिए सहायता देना या उनके लिए गारंटी देना;
  • (xiv) पशु बाड़े स्थापित करना तथा उन्हें बनाए रखना;
  • (xv) स्टेशन के समादेशक अधिकारी के पूर्व अनुमोदन से नागरिक स्वागत-समारोह के लिए व्यवस्था करना;
  • (xvi) किसी भी वर्ग के निवासियों के लिए आवासन सुविधा का उपबन्ध करना;
  • (xvii) प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारकों, पुरातत्वीय स्थलों और अवशेषों या छावनी में लोक महत्व के स्थान का संरक्षण और अनुरक्षण करना;
  • (xviii) बोर्ड के प्रबन्ध के अधीन भूमि संसाधनों को विकसित करना;
  • (xix) सामूहिक आवासन स्कीमें तैयार करना और उनको क्रियान्वित करना;
  • (xx) लाभकारी परियोजनाएं स्थापित करना और उनका उत्तरदायित्व लेना;
  • (xxi) लघु और कुटीर उद्योगों का विकास करना;
  • (xxii) शहरी शासन और स्थानीय स्वशासन के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करना और अन्य नगरपालिक और विकास प्राधिकारियों को परामर्श देने में सक्षम होना;
  • (xxiii) धारा 62 में अथवा इस धारा के पूर्वगामी उपबन्धों में विनिर्दिष्ट उपाय से भिन्न ऐसा कोई उपाय करना जिससे छावनी के निवासियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य या सुविधा का संवर्धन होना सम्भाव्य हो ।
  • (xxiv) पुस्तकालयों, संग्रहालयों, कला दीर्घाओं, वनस्पति या प्राणी संग्रह को स्थापित करना और उन्हें बनाए रखना या उनकी सहायता करना;
  • (xxv) स्टेडियम, जिमनेजियम, अखाड़ों और क्रीड़ाओं और खेलकूद के लिए स्थानों को स्थापित करना, उन्हें बनाए रखना और उनकी सहायता करना;
  • (xxvi) थिएटर और सिनेमागृह स्थापित करना;
  • (xxvii) मेलों और प्रदर्शनियों को आयोजित करना और उनका प्रबन्ध करना;
  • (xxviii) निम्नलिखित का सन्निर्माण करना और उन्हें बनाए रखना-
    (क) विश्राम गृह,
    (ख) निर्धन गृह,
    (ग) रुग्णावास,
    (घ) बाल गृह,
    (ङ) बधिर और मूक तथा निःशक्त और विकलांग बालकों के लिए गृह;
    (च) दीनहीनों और निःशक्त व्यक्तियों के लिए आश्रय;
    (छ) विकृत्तचित्त व्यक्तियों के लिए पागलखाने;
    (ज) वृद्धाश्रम;
    (झ) कामकाजी महिलाओं के लिए होस्टल;
  • (xxix) रोगों का पता लगाने या लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा सहायता से संबंधित अनुसंधान के लिए जल, खाद्य और ओषधियों की परीक्षा और विश्लेषण के लिए रासायनिक या जीवाणु विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित करना और उनका प्रबन्ध करना;
  • (xxx) दीनहीनों और निःशक्त व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध करना;
  • (xxxi) पशु चिकित्सा अस्पतालों को स्थापित करना और उन्हें बनाए रखना;
  • (xxxii) भाण्डागारों और गोदामों का निर्माण करना और उन्हें बनाए रखना;
  • (xxxiii) यानों के लिए गैरेज, शेड, स्टैंड तथा अस्तबलों का निर्माण करना और उन्हें बनाए रखना;
  • (xxxiv) सामुदायिक केन्द्रों और कन्वेंशन केन्द्रों का निर्माण करना और उन्हें बनाए रखना;
  • (xxxv) लोकप्रिय विषयों पर सेमिनार, कार्यशालाएं, लोक वाद-विवाद और उसी प्रकार के कार्यकलाप करना और नागरिक महत्व के लिए विनियम बनाना ।

स्पष्टीकरण-खंड

 

(क) संरक्षण” से किसी स्थान का उसकी ऐतिहासिक, स्थापत्यकला, सौंदर्य संबंधी या उसके सांस्कृतिक महत्व या पर्यावरण को बनाए रखने के लिए पर्यवेक्षण, प्रबंध और अनुरक्षण अभिप्रेत है और जिसमें रक्षण, सुधार, परिरक्षण, प्रत्यावर्तन, पुनर्निर्माण और अनुकूलन या इन क्रियाकलापों में से एक से अधिक का कोई संयोजन सम्मिलित है और ऐसे स्थान का उपयोग ऐसा है जो सामाजिक के साथ-साथ आर्थिक फायदों को सुनिश्चित करता है;
(ख) प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारकों, पुरातत्वीय स्थलों और अवशेषों या लोक महत्व के स्थानों” में भवन, शिल्पतथ्य, संरचना, क्षेत्र या ऐतिहासिक या सौंदर्य संबंधी या शैक्षिक या वैज्ञानिक या सांस्कृतिक या पर्यावरणीय महत्ता के परिक्षेत्र और पर्यावरणीय महत्ता के दृश्यात्मक सौंदर्य की प्राकृतिक आकृतियां सम्मिलित हैं, जो बोर्ड द्वारा घोषित की जाएं ।
(2) बोर्ड या तो छावनी के अन्दर या बाहर ऐसी कोई बात करने के लिए उपबन्ध कर सकेगा जिसके लिए व्यय की बाबत केन्द्रीय सरकार द्वारा या केन्द्रीय सरकार की मंजूरी से बोर्ड द्वारा यह घोषित किया गया है कि वह छावनी निधि या छावनी विकास निधि पर समुचित भार है ।